शांति समिति की बैठक संपन्न : डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
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सड़क पर नहीं लगेंगे पंडाल, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
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सिवनी मालवा। आगामी गणेश उत्सव, डोल ग्यारस और ईद मिलादुन्नबी को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर रविवार शाम 5 बजे थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सरोज सिंह परिहार ने की। इस दौरान नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के गणेश पंडाल संचालकों, मुस्लिम समाज प्रतिनिधियों और विभिन्न गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों को मर्यादित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जाए, ताकि नगर में शांति और भाईचारे का माहौल कायम रहे।
बैठक में थाना प्रभारी राजेश दुबे ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष किसी भी आयोजन में डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कहीं भी डीजे बजता पाया गया तो उसकी वीडियोग्राफी कर कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय को लेकर बैठक में कुछ देर गहमा-गहमी का माहौल भी बना। उपस्थित नागरिकों ने सवाल उठाया कि केवल धार्मिक आयोजनों पर ही प्रतिबंध क्यों लगाया जाता है, जबकि अन्य निजी आयोजनों में डीजे खुलेआम बजता है। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल धार्मिक आयोजनों के लिए नहीं, बल्कि सभी अवसरों पर समान रूप से लागू होगा, जिससे किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात नहीं होगा।

एसडीओपी महेंद्रसिंह चौहान ने कहा कि नगर में लगने वाले गणेश पंडाल इस तरह स्थापित किए जाएं कि यातायात प्रभावित न हो। सड़कों पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंडाल में प्रतिदिन एक जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद रहे और उसकी सूची पंडाल पर चस्पा की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन सीधे उस व्यक्ति से संपर्क कर सके। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक नारेबाजी, धार्मिक उन्माद फैलाने वाले भाषण अथवा धारदार हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक में पंडाल संचालकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने विद्युत विभाग से छोटे और बड़े पंडालों के लिए अलग-अलग राशि तय करने की मांग की, ताकि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पारदर्शी और सुचारु बनी रहे। साथ ही नगर पालिका से पूरे नगर की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने की मांग की गई, जिससे रात्रिकालीन आयोजनों और यात्राओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपस्थित लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अधिकांश पार्षद इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित नहीं हुए।

बैठक में आगामी ईद मिलादुन्नबी को लेकर भी चर्चा हुई। बताया गया कि बानापुरा मस्जिद से जुलूस निकलेगा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरेगा। अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
बैठक में एसडीएम सरोज सिंह परिहार, तहसीलदार नितिन कुमार, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान, बीएमओ डॉ. शेखर रघुवंशी, समाजसेवी संतोष परीक, रघुवीर सिंह राजपूत, दिलीप अग्रवाल, अजीत मंडलोई, महेश गोयल, अक्षत राजपूत, प्रवीण अवस्थी सहित नगर के विभिन्न गणेश पंडाल संचालक, मुस्लिम प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नर्मदा केसरी की अंत में सभी से अपील है कि धार्मिक आयोजन आपसी सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक हैं। इन अवसरों पर कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग प्रशासनिक नियमों का पालन करेंगे तो नगर में उत्सव और भी भव्य और शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा सकेंगे।








