मुफ्त इलाज कराने ले गए भावंदा का बुजुर्ग 20 महीने उसे लापता
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62 वर्षीय पत्नी कपूरी बाई देहली पर बैठी पति का इंतजार कर रही
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बैठी पथराई आंखों से पति के आने की बाट जोह रही है
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लोगों से पूछती है- “के भैया, डुकरा मिल गऔ का !
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नर्मदा केसरी के लिए विजयसिंह ठाकुर की विशेष रिपोर्ट
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भोपाल के मेडिकल कॉलेज की टीम 9 दिसंबर 2023 को नगर से करीब 40 किमी दूर आदिवासी अंचल के भावंदा गांव पहुंची। भोपाल के अस्पताल में मुफ्त इलाज के पर्च बांटे। 10 दिसंबर 2023 को खाना, रहने, इलाज करवाने की बात कहकर 16 लोगों को अपने वाहनों से भोपाल ले गए। गांव के सब लोग तो लौट आए लेकिन ग्राम भावंदा का बुजुर्ग बुधराम भोसारे (65) 11 दिसंबर 2023 को अस्पताल से लापता है।

उसी दिन से बुजुर्ग बुधराम भोंसारे की पत्नी कपूरी बाई अपने घर के दरवाजे पर पथराई आंखों से उसका इंतजार कर रही है। हालांकि लापता बुजुर्ग के बेटे हरनाम ने फोटो लेकर भोपाल के कई क्षेत्रों में पिता को तलाशा लेकिन वे नहीं मिले। कोलार थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई अपना पता भी लिखाया, आधार कार्ड भी देकर आए लेकिन बुजुर्ग बुधराम आज तक घर वापस नहीं लौट और ना ही उसकी कोई सूचना ही मिली बुधराम के बेटे ने बताया कि पिता को कम दिखता था और कमजोरी भी थी। इसलिए वे मां कपूरी बाई के साथ भोपाल के अस्पताल गए थे। महिलाओं को दूसरे वार्ड में रखा था। इस बीच पिता लापता हो गए। अस्पताल वाले भी कुछ नहीं बता रहे। अस्पताल प्रबंधन ने मां से कोलार थाना भोपाल में पिता बुधराम भोसारे के गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई। पिता नहीं मिले तो मैं मां को साथ गांव ले आया। धीरे- धीरे गांव के सभी लोग वापस लौट आए, लेकिन पिता बुधराम 20 माह बाद भी आज तक घर वापस नहीं लौटे। वे कहां है, जिंदा भी है या नहीं! हमें कुछ नहीं पता।
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कोलार थाने से आज तक फोन नहीं आया
कोलार थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आज तक वहां से फोन नहीं आया। सिवनी मालवा थाने वाले कहते हैं कि घटना स्थल कोलार थाना है। इसलिए हमें कोई जानकारी नहीं है। सभी ने अपनी मर्यादाओं का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया, किंतु 11 दिसंबर 2023 से लेकर आज तक 20 महीने से कपूरी बाई अकेली अपने घर के सामने देहली पर बैठकर रोज अपने पति बुधराम का इंतजार कर रही हैं। गांव में आने जाने वाले अपरिचित लोगों से वह पूछी लेती है कि “के भैया, डुकरा मिल गऔ का !
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भोपाल के अस्पताल द्वारा आयुष्मान कार्ड धारी लोगों को सिवनी मालवा के ग्राम भावंदा से भोपाल ले जाने और बुजुर्ग बुधराम के लापता हो जाने की खबर मिलने पर हमारी टीम 40 किमी दूर सतपुड़ा की तीसरी पर्वत श्रृंखला पर बसे ग्राम भावंदा पहुंची थी। 20 अगस्त 2025 को भी टीम ग्राम भावंदा पहुंची। जहां टीम को बुधराम की पत्नी कपूरी बाई घर के सामने देहली पर ही बैठे मिली। उसने टीम से भी पूछा… के भैया, डुकरा मिल गऔ का ? और हम आज भी निरुत्तर हैं।
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मुझे हाल ही में चार्ज मिला है इस प्रकरण के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है : डॉ शेखर रघुवंशी, प्रभारी बीएमओ, सिवनी मालवा ।
यह मामला भोपाल के कोलार थाने के अंतर्गत है इसलिए इस संबंध में सिवनी मालवा थाने में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है : राजेश दुबे, टीआई, सिवनी मालवा थाना ।
यक्ष प्रश्न यह भी है कि भोपाल का एक मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी सिवनी मलवा आते हैं और वह इलाज के नाम पर कुछ लोगों को लेकरचले जाते हैं क्या इसकी जानकारी सिवनी मालवा के मेडिकल ऑफिसर को नहीं दी जाना चाहिए ? क्या इसकी जानकारी क्षेत्रीय थाने को नहीं दी जानी चाहिए ? लेकिन भोपाल के मेडिकल कालेज ने सिवनी मालवा से भोपाल ले जा रहे लोगों की जानकारी नहीं दी।
इतना सब कुछ होने के बाद भी संपूर्ण प्रशासन मौन है सभी अपने-अपने कार्यक्षेत्र का जिक्र करते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं । लेकिन बुधराम आज भी लापता है ।









